बिलासपुर। सरकंडा स्थित बाल सुधार गृह में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां निरुद्ध 18 वर्षीय शुभम अगरिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुभम को रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ क्षेत्र से रेप के एक मामले में 15 अगस्त को बिलासपुर लाया गया था। घटना के बाद बाल सुधार गृह की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, शुभम रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ क्षेत्र के किरमिडांड गांव का रहने वाला था। सुधार गृह में आने के कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी में युवक द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, मौत की वास्तविक परिस्थितियां जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होंगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। युवक की मौत से पहले उसकी गतिविधियों, बातचीत और मानसिक स्थिति समेत अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
बाल सुधार गृह की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल बाल सुधार गृह की निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। सुधार गृह में निरुद्ध किशोरों और युवाओं की सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था होती है। ऐसे में परिसर के भीतर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।यह पहला मामला नहीं है, जब सरकंडा स्थित बाल सुधार गृह की व्यवस्था सवालों के घेरे में आई हो। इससे पहले भी यहां चार बंदियों द्वारा एक कर्मचारी पर हमला कर फरार होने की घटना सामने आ चुकी है। बाद में पुलिस ने चारों को पकड़ लिया था।
उस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। अब एक बार फिर सुधार गृह के भीतर हुई मौत ने निगरानी, कर्मचारियों की जवाबदेही और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल सरकंडा पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही युवक की मौत की वास्तविक वजह और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।



