बिलासपुर, 20 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में जुआरियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम पिरैया में अरपा नदी किनारे तिरपाल और टेंट लगाकर कथित तौर पर जुए का फड़ चलाया जा रहा था। पुलिस को इसकी भनक लगते ही टीम ने अनोखे तरीके से कार्रवाई की। जुआरियों को पुलिस की मौजूदगी का शक न हो, इसलिए जवान ग्रामीणों की वेशभूषा में मौके पर पहुंचे और गतिविधियों की पुष्टि करने के बाद चारों ओर से घेराबंदी कर दबिश दी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 15,730 रुपये नकद, एक बाइक, चार मोबाइल फोन, तिरपाल और प्लास्टिक की बोरी-फट्टी जब्त की गई है।
मुखबिर से मिली थी जुए के फड़ की सूचना
डीएसपी राजेश जोशी के मुताबिक, 18 अगस्त को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम पिरैया में अरपा नदी के किनारे टेंट और तिरपाल लगाकर हार-जीत का जुआ खेला और खिलाया जा रहा है।सूचना को गंभीरता से लेते हुए चकरभाठा थाना प्रभारी भावेश शेंडे ने पुलिस टीम गठित की। जुआरियों को पुलिस की कार्रवाई का अंदाजा न हो, इसके लिए टीम को ग्रामीण वेशभूषा में मौके पर भेजा गया।
पुलिस जवानों ने पहले मौके पर पहुंचकर जुए की गतिविधियों की पुष्टि की। इसके बाद टीम ने चारों तरफ से घेराबंदी कर अचानक दबिश दी।
पुलिस को देखते ही मची भगदड़
पुलिस की अचानक कार्रवाई से मौके पर मौजूद जुआरियों में भगदड़ मच गई। कुछ लोग मौके से भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर चार आरोपियों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मलेश साहू (25), संदीप भारद्वाज (26), साहिल घोषले (19) और चंद्रप्रकाश भार्गव (42) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, मलेश साहू, संदीप भारद्वाज और साहिल घोषले ग्राम पिरैया के निवासी हैं, जबकि चंद्रप्रकाश भार्गव बिल्हा थाना क्षेत्र के दुर्गडीह का रहने वाला है।
15 हजार 730 रुपये समेत जुए का सामान जब्त
पुलिस ने मौके से जुए की रकम के रूप में 15 हजार 730 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा जुआ खेलने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तिरपाल, प्लास्टिक की बोरी-फट्टी, एक बाइक और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
संगठित तरीके से जुआ खिलाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों से जुआ खेलने और खिलाने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। पुलिस का दावा है कि आरोपी अन्य लोगों के साथ मिलकर जगह बदल-बदलकर जुआ खेलने और खिलाने की गतिविधियों में शामिल थे।
इसी आधार पर मामले में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3(2) के साथ BNS की धारा 112 के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
फरार जुआरियों की तलाश जारी
दबिश के दौरान कुछ जुआरी मौके से फरार हो गए। पुलिस अब उनकी पहचान और तलाश में जुटी है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अरपा नदी किनारे चल रहा यह कथित जुए का फड़ कब से संचालित हो रहा था और इसके पीछे कितने लोग शामिल हैं।
ग्रामीण बनकर पहुंची पुलिस की रणनीति सफल
इस कार्रवाई में पुलिस की रणनीति काफी अहम रही। जुआरियों को पुलिस के आने की भनक न लगे, इसलिए टीम ग्रामीणों की तरह वेशभूषा में मौके पर पहुंची। गतिविधियों की पुष्टि करने के बाद अचानक घेराबंदी कर दबिश दी गई, जिससे पुलिस को चार आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली।



