रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में परीक्षा से पहले कथित तौर पर प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला सामने आया है। बुधवार को आयोजित होने वाली एंटोमोलॉजी सेमेस्टर परीक्षा से करीब दो घंटे पहले सोशल मीडिया पर पेपर वायरल होने की जानकारी सामने आने के बाद छात्रों में नाराजगी फैल गई।
परीक्षा से पहले वायरल हुआ पेपर
जानकारी के मुताबिक, एंटोमोलॉजी का सेमेस्टर एग्जाम सुबह 10 बजे आयोजित होना था। छात्रों का दावा है कि परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले, सुबह 8 बजे ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा।
पेपर वायरल होने की खबर फैलते ही छात्रों के बीच हड़कंप मच गया। छात्रों ने मामले को गंभीर बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से इसकी जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
कथित पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद छात्रों में आक्रोश देखने को मिला। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत रखी और मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया पर पहुंचने से परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, वायरल पेपर वास्तव में आधिकारिक प्रश्नपत्र था या नहीं और यह किस माध्यम से सोशल मीडिया तक पहुंचा, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
विश्वविद्यालय प्रबंधन के फैसले पर नजर
मामला सामने आने के बाद अब सभी की नजर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर है। विश्वविद्यालय की ओर से मामले की जांच और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल कथित पेपर लीक की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं पेपर लीक के आरोप
छत्तीसगढ़ में इससे पहले भी परीक्षा प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के दावे सामने आ चुके हैं। मार्च 2026 में 12वीं बोर्ड की हिंदी परीक्षा को लेकर भी पेपर लीक होने का दावा किया गया था। उस मामले में माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव ने सिविल लाइंस और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
अब कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षा को लेकर सामने आए इस मामले ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



