केशकाल, 24 अगस्त 2026। केशकाल की बेटी आस्था अग्निहोत्री ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन के दम पर राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शानदार सफलता हासिल की है। दुर्ग-भिलाई में आयोजित प्रतियोगिता में आस्था ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और पूरे केशकाल क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
पढ़ाई के साथ खेल में भी बना रही पहचान
आस्था अग्निहोत्री, केशकाल निवासी नीरज मुक्ति अग्निहोत्री की बेटी हैं। वह वर्तमान में एकेडमिक वर्ल्ड स्कूल, बेमेतरा में कक्षा 10वीं की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ-साथ आस्था ताइक्वांडो में भी लगातार अपनी प्रतिभा निखार रही हैं।
विद्यालय में उनके शानदार प्रदर्शन और खेल के प्रति लगन को देखते हुए उन्हें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर मिला।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन
22 से 25 अगस्त तक दुर्ग-भिलाई में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर से खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। आस्था ने आत्मविश्वास, अनुशासन और खेल भावना के साथ मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया।अपने बेहतरीन खेल कौशल के दम पर उन्होंने प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
नियमित अभ्यास और अनुशासन बना सफलता का आधार
आस्था की सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, अनुशासन और ताइक्वांडो के प्रति उनका समर्पण अहम माना जा रहा है। ताइक्वांडो में शारीरिक दक्षता के साथ मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और अनुशासन भी बेहद महत्वपूर्ण होता है।
आस्था ने इन सभी गुणों का प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय मंच पर शानदार उपलब्धि हासिल की है।
परिवार और विद्यालय में खुशी की लहर
आस्था के गोल्ड मेडल जीतने की खबर मिलते ही परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने उनकी सफलता को मेहनत और निरंतर अभ्यास का परिणाम बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वहीं, एकेडमिक वर्ल्ड स्कूल, बेमेतरा के विद्यालय परिवार ने भी आस्था को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई।
केशकाल के लिए गौरव का पल
आस्था अग्निहोत्री की यह उपलब्धि पूरे केशकाल क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर विद्यार्थी जब खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हैं, तो यह अन्य बच्चों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
आस्था की सफलता ने यह संदेश दिया है कि नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ा जाए तो सफलता हासिल की जा सकती है। क्षेत्रवासियों और शिक्षकों ने आस्था को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।



