दुर्ग। छत्तीसगढ़ में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में दो नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि होने की रिपोर्ट सामने आई है। इसके साथ ही दुर्ग जिले में अब तक H1N1 के तीन मामले सामने आने की जानकारी है। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
दो नए मरीज मिलने से बढ़ी चिंता
ताजा जानकारी के मुताबिक, दुर्ग और भिलाई में मिले दो नए मरीजों की उम्र करीब 45 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इससे पहले जिले में करीब तीन साल की बच्ची में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई थी। बच्ची का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है और उसकी स्थिति स्थिर बताई गई थी।
स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की स्थिति पर नजर रख रहा है और संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को फ्लू जैसे संक्रमण से विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई का ध्यान रखने और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचने की सलाह दी है।
कैसे फैलता है H1N1?
H1N1 एक इन्फ्लूएंजा संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क से फैल सकता है। संक्रमित सतह को छूने के बाद आंख, नाक या मुंह छूने से भी संक्रमण का खतरा रहता है।
ये लक्षण दिखें तो रहें सतर्क
स्वाइन फ्लू में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। हालांकि, इन लक्षणों के आधार पर अकेले H1N1 की पुष्टि नहीं की जा सकती और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है।
राज्य में आंकड़ों को लेकर अंतर
25 अगस्त की उपलब्ध रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में दो पुष्ट H1N1 मामलों का उल्लेख था। इसके बाद दुर्ग-भिलाई में दो नए मरीज मिलने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग रिपोर्टों में राज्य के कुल मामलों की संख्या में अंतर दिखाई दे रहा है, इसलिए छत्तीसगढ़ का आधिकारिक कुल आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग की ताजा बुलेटिन के आधार पर ही माना जाना उचित होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि लगातार बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और चिकित्सकीय सलाह लें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से भी बचने की सलाह दी गई है।



