जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में लगातार हो रही भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। बीते चार दिनों से जारी बारिश के चलते इंद्रावती और चेरपाल नदी समेत कई जलस्रोतों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बीजापुर में चेरपाल नदी का जलस्तर बढ़ने से 200 से अधिक गांवों का ब्लॉक और जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
इंद्रावती नदी खतरे के निशान से ऊपर
जगदलपुर में इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी पुराने पुल पर खतरे के निशान 8.300 मीटर से ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के कारण गोरियाबहार नाला भी उफान पर है।
वहीं, लालबाग-हाटगुड़ा-नगरनार मार्ग पर गणपति रिसॉर्ट के पास स्थित पुल सोमवार से पानी में डूबा हुआ है। बाढ़ के कारण इलाके में करीब 200 एकड़ फसल प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
बीजापुर में 200 से ज्यादा गांव प्रभावित
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर बीजापुर जिले में देखने को मिल रहा है। चेरपाल नदी में आई बाढ़ के कारण 200 से अधिक गांवों का संपर्क ब्लॉक और जिला मुख्यालय से टूट गया है। ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अबूझमाड़ में 35 से ज्यादा गांव बाढ़ से घिरे
अबूझमाड़ क्षेत्र में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां 35 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिरे होने की जानकारी है। कई इलाकों में सड़क और नदी-नालों पर पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
कोरबा में टापू पर फंसे तीन युवकों को सुरक्षित निकाला
वहीं, कोरबा जिले में भी बारिश और जलभराव के बीच तीन युवक करीब 15 घंटे तक टापू पर फंसे रहे। बाद में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत और बचाव कार्य के जरिए युवकों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।
लगातार बारिश के चलते बस्तर संभाग के कई इलाकों में प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।



