काठमांडू। नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ के बाद करीब 300 भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या में वे श्रद्धालु शामिल हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल के रास्ते से गुजर रहे थे। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार लापता भारतीयों से संपर्क करने की लगातार कोशिश कर रही है।
177 लोगों की मौत, सैकड़ों विदेशी भी लापता
नेपाल सरकार के अनुसार, आपदा में अब तक 177 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि करीब 500 विदेशी नागरिकों के संपर्क से बाहर होने की जानकारी है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में आपदा के वास्तविक असर का आकलन करने के साथ-साथ लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।
भारत ने भेजी राहत सामग्री
बाढ़ के बाद नेपाल में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रभावित इलाकों में बचाव दल लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी सामान पहुंचाने में जुटे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री ने संकट की घड़ी में सहायता पहुंचाने के लिए भारत सरकार का आभार जताया। उन्होंने बताया कि भारत की ओर से राहत सामग्री भेजी जा चुकी है।
दूतावासों के संपर्क में नेपाल सरकार
लापता विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और उनके ठिकाने की जानकारी जुटाने के लिए नेपाल सरकार अलग-अलग देशों के दूतावासों के संपर्क में है। अधिकारियों की प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाना और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है।
पर्यटन को लेकर भी मंत्री की अपील
विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संकट के समय नेपाल के साथ खड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश पर्यटन स्थल बाढ़ से प्रभावित नहीं हुए हैं और पर्यटकों के लिए खुले हैं। उनके मुताबिक पोखरा और माउंट एवरेस्ट जैसे प्रमुख पर्यटन क्षेत्र सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन नेपाल की अर्थव्यवस्था को दोबारा मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है। 300 भारतीयों समेत लापता विदेशी नागरिकों का पता लगाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।



