वॉशिंगटन (अमेरिका):
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में वैज्ञानिकों ने एक ऐसा मील का पत्थर हासिल किया है, जो आने वाले समय में हमारी तकनीक और गैजेट्स को पूरी तरह बदल देगा। नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इंसानी दिमाग के ‘सेरिबेलम’- दिमाग का वह हिस्सा जो हमारे रिफ्लेक्स यानी त्वरित प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करता है) से प्रेरित होकर एक बेहद अनोखी और एडवांस एआई चिप तैयार की है।
यह चिप न केवल इंसानी दिमाग की तरह काम करती है, बल्कि पारंपरिक एआई की तुलना में बिजली (एनर्जी) की भारी बचत भी करती है। यह खोज विज्ञान की दुनिया की मशहूर पत्रिका ‘नेचर कम्युनिकेशंस’में प्रकाशित हुई है।
क्या है इस एआई चिप की खासियत?
- 10,000 गुना कम कंप्यूटर ऑपरेशन्स: यह अनोखी चिप सामान्य एआई सिस्टम की तुलना में करीब 10,000 गुना कम कंप्यूटर ऑपरेशन्स (गणनाओं) का इस्तेमाल करती है, जिससे यह न के बराबर बिजली खर्च करती है।
- 98% की जबर्दस्त सटीकता लैब टेस्ट और प्रूफ-ऑफ-कांसेप्ट परीक्षणों के दौरान इस चिप ने 98 प्रतिशत से अधिक की सटीकता के साथ असाधारण या असामान्य घटनाओं का तुरंत पता लगा लिया।
- रिएक्ट ऑन एरर (गड़बड़ी पर ही देगी प्रतिक्रिया): इस चिप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हर समय डेटा की फालतू प्रोसेसिंग नहीं करती। यह सामान्य डेटा को नजरअंदाज करती है और केवल तभी एक्टिव (प्रतिक्रिया) होती है जब कोई गड़बड़ी या अप्रत्याशित घटना घटती है।
दिल की धड़कन रुकने से पहले ही बीमारी पकड़ेगी!
वैज्ञानिकों ने इस चिप की क्षमता को परखने के लिए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) रिकॉर्डिंग्स का परीक्षण किया। नतीजों ने सबको हैरान कर दिया—इस चिप ने सामान्य धड़कनों को पूरी तरह इग्नोर करते हुए, दिल की धड़कन के असामान्य होने अरिथमिया/ का पता धड़कन के केवल 5वें हिस्से (एक सेकंड से भी कम समय) में लगा लिया।
भविष्य में कहां-कहां होगा इसका इस्तेमाल?
बिजली की बेहद कम खपत और पलक झपकते ही निर्णय लेने की क्षमता के कारण, आने वाले समय में यह तकनीक इन क्षेत्रों में क्रांति लाएगी:
- स्मार्ट हेल्थ वियरेबल्स: स्मार्टवॉच और पोर्टेबल हार्ट मॉनिटर जैसे उपकरणों में, जो तुरंत दिल का दौरा या अन्य बीमारियों की चेतावनी दे सकेंगे।
- सेल्फ-ड्राइविंग कारें: सड़कों पर अचानक आने वाले खतरों को बिना देरी किए भांपने और हादसों को रोकने में।
- साइबर सिक्योरिटी: डिजिटल नेटवर्क पर होने वाले किसी भी संदिग्ध साइबर हमले को शुरुआती सेकंडों में ही ब्लॉक करने में।
- रोबोटिक्स: रोबोट्स को इंसानी दिमाग की तरह फुर्ती से रिफ्लेक्स एक्शन लेने में मदद करने में।
आज जहां बड़े-बड़े एआई मॉडल को चलाने के लिए विशालकाय और अत्यधिक बिजली खपत करने वाले डेटा सेंटर्स की जरूरत पड़ रही है, वहीं नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की यह नई ‘सेरिबेलम-प्रेरित’ चिप साबित करती है कि भविष्य का एआई ‘बड़ा’ होने के बजाय ‘स्मार्ट और कम खर्चीला’ होने वाला है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi





