नई दिल्ली/बेंगलुरु: भारतीय राजनीति में जमीन से जुड़े आरोपों को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के परिवार से जुड़े एक ट्रस्ट पर राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर भूमि अधिग्रहण करने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा ने इस मामले को कथित “लैंड-लूट” से जोड़ते हुए जांच की मांग की है।
दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेता गौरव भंडारी ने दावा किया कि खड़गे परिवार के सदस्यों द्वारा संचालित ट्रस्ट ने अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए गरीब लोगों की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। भाजपा ने आरोप लगाया कि एक जरूरतमंद व्यक्ति की भूमि को अनुचित तरीके से ट्रस्ट के नियंत्रण में लाया गया।
वहीं, कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के पुत्र प्रियंक खड़गे ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उछालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय केंद्र सरकार को अपने चुनावी वादों और “अच्छे दिन” के दावों पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
प्रियंक खड़गे ने कर्नाटक सरकार के प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक विकास दर राष्ट्रीय औसत से बेहतर बनी हुई है और सरकार विकास तथा कल्याणकारी योजनाओं पर लगातार काम कर रही है।
इस बीच, जमीन से जुड़े राजनीतिक विवादों का सिलसिला अन्य राज्यों में भी जारी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में कथित भूमि सौदों को लेकर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कुछ जमीन खरीद मामलों में हितों के टकराव की आशंका जताते हुए पारदर्शिता की मांग की है।
दोनों प्रमुख दलों के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच भूमि और संपत्ति से जुड़े ये मुद्दे आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बने रह सकते हैं।
