बिलासपुर। सोने की शुद्धता की जांच, ग्राहकों के हित और सराफा कारोबारियों के अधिकारों को लेकर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। बिलासपुर के एक ज्वेलरी शोरूम में सोने की शुद्धता जांच को लेकर सामने आए विवाद के बाद एसोसिएशन गुरुवार, 20 अगस्त को प्रदेश के सभी 33 जिलों में कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नाम ज्ञापन सौंपेगा। बिलासपुर में इस दौरान सराफा बाजार आधे दिन बंद रखने का फैसला लिया गया है।
22 कैरेट सोने की जांच में आया अलग-अलग परिणाम
मामला 14 अगस्त को बिलासपुर के एक ज्वेलरी शोरूम में सामने आया था। एसोसिएशन के मुताबिक, हॉलमार्क वाले 22 कैरेट सोने के आभूषण की पहली जांच रिपोर्ट में इसकी शुद्धता 20 कैरेट बताई गई। हालांकि, दोबारा जांच किए जाने पर उसी आभूषण की शुद्धता 916 यानी 22 कैरेट पाई गई।
इस अलग-अलग जांच रिपोर्ट के बाद सराफा कारोबारियों ने सोने की टेस्टिंग व्यवस्था और ग्राहकों के भरोसे को लेकर सवाल उठाए हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, विवाद के बाद सराफा कारोबारी शोरूम पहुंचे थे और वहां कथित गड़बड़ी को लेकर विरोध भी हुआ था। मामले की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी।
सदर बाजार से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च
सराफा एसोसिएशन के मुताबिक, बिलासपुर में कारोबारी सदर बाजार से पैदल मार्च निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री कार्यालय के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। एसोसिएशन ने सोने की शुद्धता जांच के लिए स्वतंत्र टेस्टिंग व्यवस्था विकसित करने की मांग की है।
इसके साथ ही HUID, हॉलमार्क और गोल्ड टेस्टिंग मशीनों की नियमित जांच एवं कैलिब्रेशन की मांग भी उठाई गई है, ताकि टेस्टिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और ग्राहकों के बीच किसी तरह का भ्रम पैदा न हो।
बिलिंग और सोने के भाव में पारदर्शिता की मांग
सराफा एसोसिएशन ने ज्वेलरी कारोबार में सोने के भाव को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि ग्राहकों को भ्रमित करने वाले विज्ञापनों पर रोक लगनी चाहिए और प्रदेशभर में ज्वेलरी दुकानों के लिए एक समान बिलिंग नियम लागू किए जाने चाहिए।
इसके अलावा पारंपरिक स्वर्णकारों और सोना कारीगरों के रोजगार की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने तथा स्वर्णकार कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।
‘किसी ब्रांड के विरोध में नहीं है अभियान’
छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति या ब्रांड के खिलाफ नहीं है। संगठन का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के हितों की रक्षा, सोने की जांच व्यवस्था में पारदर्शिता, कारोबार में निष्पक्षता और स्थानीय सराफा व्यापारियों एवं पारंपरिक कारीगरों की आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
टेस्टिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
सोने की पहली और दूसरी जांच में अलग-अलग शुद्धता सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल टेस्टिंग प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहा है। सराफा कारोबारी चाहते हैं कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें सोने की शुद्धता की जांच निष्पक्ष और प्रमाणिक तरीके से हो और किसी भी विवाद की स्थिति में ग्राहकों तथा कारोबारियों दोनों को स्पष्ट रिपोर्ट मिल सके।



