बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सावन के दौरान बाबा वैद्यनाथ के दर्शन के लिए देवघर रवाना होने से पहले रामानुजगंज पहुंचे। यहां उन्होंने कांवरिया सेवा समिति के सदस्यों से मुलाकात की और समिति की ओर से चलाए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की।
इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल, सीएमएचओ, सिविल सर्जन, बीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
कांवरिया सेवा समिति के कार्यों की सराहना
रामानुजगंज पहुंचने पर स्वास्थ्य मंत्री का कांवरिया सेवा समिति के सदस्यों ने स्वागत किया। मंत्री ने कहा कि सावन के महीने में रामानुजगंज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा वैद्यनाथ के दर्शन के लिए देवघर जाते हैं। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ का अंतिम छोर होने के कारण दूसरे राज्यों से आने वाले कांवरियों के लिए भी महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने समिति की ओर से कांवरियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा का यह कार्य महत्वपूर्ण है।
28 वर्षों से लगातार कर रहे बाबा वैद्यनाथ के दर्शन
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि उन्हें पिछले 28 वर्षों से लगातार सावन के दौरान देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ मंदिर में दर्शन करने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि बाबा वैद्यनाथ से वह छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, विकास और प्रदेशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य की कामना करेंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों के खुशहाल और स्वस्थ जीवन की भी प्रार्थना करने की बात कही।
100 बिस्तर अस्पताल को लेकर बड़ी घोषणा
रामानुजगंज के 100 बिस्तर अस्पताल को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पताल में डायलिसिस यूनिट समेत अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए राशि उपलब्ध करा दी गई है।
मंत्री के मुताबिक, अस्पताल में मशीनें उपलब्ध होने के बावजूद कई बार उन्हें संचालित करने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी सामने आती है। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने व्यवस्था में बदलाव किया है।
डायरेक्ट एजेंसी के जरिए होगी मशीनों के संचालन की व्यवस्था
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अस्पताल में आवश्यक सेटअप तैयार करने के लिए पहले राशि CGMSC को दी गई थी, लेकिन मशीनों के संचालन के लिए कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
इसी वजह से कुछ व्यवस्थाओं के लिए राशि सीधे भारत सरकार की संबंधित एजेंसी को दी गई है। एजेंसी की ओर से आवश्यक ऑपरेटर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मशीनों का संचालन नियमित रूप से हो सके।
दो महीने में शुरू हो सकती हैं सुविधाएं
स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा जताया कि रामानुजगंज के 100 बिस्तर अस्पताल में डायलिसिस समेत जरूरी सुविधाओं का सेटअप आने वाले करीब दो महीनों में तैयार हो जाना चाहिए।
यदि तय समय के अनुसार सुविधाएं शुरू होती हैं, तो रामानुजगंज और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी और गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों की ओर रेफर करने की जरूरत भी कम हो सकती है।



