अयोध्या: राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की कथित 9 पन्नों की चिट्ठी को लेकर मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने प्रतिक्रिया दी है। मिश्रा ने साफ कहा कि उन्होंने ऐसी कोई चिट्ठी देखी ही नहीं है। ऐसे में बिना पत्र देखे उसके कंटेंट पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
नृपेंद्र मिश्रा ने पूरे मामले को विवाद खड़ा करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि जब तक कथित पत्र सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आता, तब तक उसकी वास्तविकता और उसमें लिखी बातों पर कोई ठोस टिप्पणी करना सही नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्र सामने आने के बाद ही उसकी प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की वास्तविक स्थिति पर बात की जा सकती है।
वहीं, राम मंदिर निर्माण की मौजूदा स्थिति को लेकर नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि निर्माण से जुड़े करीब 70 प्रमुख कार्यों में से लगभग 60 कार्य पूरे हो चुके हैं और उन्हें ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। अब इन कार्यों के आंतरिक ऑडिट और अंतिम प्रक्रियाओं को पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभी कुछ महत्वपूर्ण कार्य बाकी हैं, जिनमें संग्रहालय, सभागार और ट्रस्ट कार्यालय प्रमुख हैं। इन परियोजनाओं को भी जल्द पूरा करने की दिशा में काम जारी है।
ऐसे में चंपत राय की कथित चिट्ठी को लेकर उठे सवालों पर फिलहाल नृपेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना पत्र देखे किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।



