तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा में सोमवार (29 जून 2026) को भारी हंगामा देखने को मिला। मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने पूर्ववर्ती एलडीएफ (LDF) सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली वामपंथी सरकार ने अपने घोषणापत्र के वादों को पूरे 5 साल (120 महीने) तक लटकाए रखा और चुनाव नजदीक आने पर जल्दबाजी में लोकलुभावन योजनाएं शुरू कीं।
यह बहस विपक्षी विधायक ए.सी. मोइदीन द्वारा लाए गए ‘काम रोको प्रस्ताव’ (Adjournment Motion) के बाद शुरू हुई, जिसमें महिलाओं की सुरक्षा पेंशन योजना के भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा उठाया गया था।
मुख्य बिंदु जो बहस का केंद्र रहे:
- चुनावी स्टंट का आरोप: मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि एलडीएफ सरकार 120 महीने सत्ता में रही, लेकिन उसने घोषणापत्र का वादा अपने कार्यकाल के आखिरी महीने में पूरा किया। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या घोषणापत्र के वादे सरकार में आते ही लागू होने चाहिए या सरकार से जाते वक्त?”
- महिलाओं की सुरक्षा पेंशन योजना पर जांच: वर्तमान यूडीएफ (UDF) सरकार ने साफ किया कि वह महिलाओं की सुरक्षा पेंशन योजना को पूरी तरह बंद नहीं कर रही है, लेकिन लाभार्थियों की लिस्ट की गहन जांच (Scrutiny) की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने बिना किसी उचित जांच या नियमों के, सिर्फ चुनाव जीतने के लिए इसे जल्दबाजी में लागू किया था।
- लिस्टिंग में गड़बड़ी की आशंका: सीएम ने आशंका जताई कि इस योजना के लाभार्थियों की सूची सरकारी कमेटियों के बजाय माकपा (CPI-M) की लोकल और एरिया कमेटियों ने तैयार की थी, जिसकी जांच होनी जरूरी है। बजट में इसके लिए ₹1,770 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
- यूडीएफ का अपना रिपोर्ट कार्ड: अपनी सरकार का बचाव करते हुए सीएम सतीशन ने कहा कि उन्होंने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में महिलाओं के लिए KSRTC बसों में मुफ्त यात्रा (प्रियदर्शिनी योजना) लागू करके दिखाया है कि वादे कैसे पूरे किए जाते हैं।
‘अति-दुर्भाग्यपूर्ण’ कदम: पूर्व सीएम पिनाराई विजयन का पलटवार
विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध किया। उन्होंने सरकार के रुख को ‘अति-दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए कहा:
“सरकार इस योजना को जानबूझकर ठप (Sabotage) करने की कोशिश कर रही है। इसे पारदर्शी तरीके से के-स्मार्ट (K-SMART) पोर्टल के जरिए लागू किया गया था। सरकार को गरीब महिलाओं के प्रति ऐसा ‘अहंकार या बदले की भावना’ नहीं दिखानी चाहिए।”
नतीजा: मुख्यमंत्री के जवाब के बाद, स्पीकर थिरुवांचूर राधाकृष्णन ने विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
