कांचरी में सीसी सड़क निर्माण पर उठे सवाल, पुराने मुरूम के ऊपर पॉलीथिन बिछाकर काम कराने का आरोप

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खैरागढ़।

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के जनपद पंचायत खैरागढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत कांचरी के वार्ड क्रमांक 06 में करीब दो लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही सीसी सड़क को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और पुराने मुरूम मार्ग के ऊपर ही काली पॉलीथिन बिछाकर सीधे सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, वार्ड क्रमांक 06 में लगभग 65 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद मौके की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर आपत्तियां सामने आई हैं। आरोप है कि सड़क के लिए पहले आवश्यक बेस तैयार नहीं किया गया और पुराने मुरूम मार्ग के ऊपर पॉलीथिन बिछाकर सीसीकरण किया जा रहा है।

बेस लेयर को लेकर उठे सवाल

निर्माण कार्य से जुड़े जानकारों के अनुसार, सीसी सड़क की मजबूती के लिए जमीन को तैयार करने के बाद आवश्यकतानुसार गिट्टी, मुरूम या रेत की परत डालकर मजबूत बेस तैयार किया जाता है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत कंक्रीट की परत बिछाई जाती है। यदि आधार पर्याप्त मजबूत नहीं हो तो सड़क के धंसने, टूटने और बारिश के दौरान पानी जमा होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

इसी वजह से कांचरी में चल रहे निर्माण को लेकर सड़क की गुणवत्ता और उसकी मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सरपंच ने कहा- बाहर हूं, बेस का प्रावधान नहीं

मामले को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच दयालु राम वर्मा से जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि वे फिलहाल बाहर हैं। उनका कहना है कि सीसी सड़क निर्माण में बेस डालने का कोई प्रावधान नहीं है।

वहीं, मामले में जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि जनपद पंचायत सीईओ को मामले की जांच के निर्देश दिए जाएंगे। यदि निर्माण कार्य स्वीकृत इस्टीमेट और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो आवश्यक सुधार कराने के साथ जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति

करीब दो लाख रुपये की लागत से हो रहे इस सड़क निर्माण को लेकर अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक जांच पर है। सड़क निर्माण में तकनीकी मानकों का पालन हुआ है या नहीं, इसकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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