बिलासपुर/रतनपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र में आधी रात रिटायर्ड शिक्षक से लूट का मामला सामने आया है। इलाज कराकर कार से घर लौट रहे 63 वर्षीय शिक्षक का ऑटो सवार बदमाशों ने रास्ता रोक लिया। आरोप है कि डंडा दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए उनकी जेब से 1,200 रुपये लूट लिए गए। मामले में पुलिस ने दो युवकों और तीन नाबालिगों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ऑटो से रास्ता रोककर कार से बाहर निकाला
पुलिस के मुताबिक, ग्राम कर्रा निवासी रिटायर्ड शिक्षक युवराज सिंह प्रधान सोमवार को कान में दर्द की शिकायत के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर गए थे। इलाज कराने के बाद वह अपनी कार से रात करीब सवा 12 बजे गांव लौट रहे थे।
इसी दौरान कृष्णा ट्रेडर्स के पास एक ऑटो उनकी कार के सामने आकर रुक गया। ऑटो क्रमांक CG 10 CD 7944 में सवार युवकों ने उनकी कार का रास्ता रोक लिया। आरोप है कि ऑटो से कुछ युवक नीचे उतरे और कार का शीशा खटखटाकर शिक्षक को बाहर आने के लिए मजबूर किया।
डंडा दिखाकर दी जान से मारने की धमकी
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उनसे पैसे की मांग की। पैसे नहीं होने की बात कहने पर आरोपियों ने कथित तौर पर डंडा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण शिक्षक ने विरोध नहीं किया, जिसके बाद आरोपियों ने उनकी जेब से 1,200 रुपये निकाल लिए और मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़ित रतनपुर थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ऑटो नंबर बना पुलिस के लिए अहम सुराग
लूट के दौरान शिक्षक ने ऑटो का नंबर नोट कर लिया था। यही नंबर पुलिस जांच में अहम सुराग साबित हुआ। पुलिस ने ऑटो नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की और उनकी तलाश के लिए टीम गठित की।
जांच के दौरान पुलिस सरकंडा थाना क्षेत्र के बंधवापारा और ईमलीभाठा इलाके तक पहुंची। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पवन कुमार गौहर (19), राहुल दुबे (25) और तीन नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया।
रात में सुनसान रास्तों पर बनाते थे निशाना
पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा रात के समय ग्रामीण और सुनसान इलाकों में अकेले वाहन चालकों को निशाना बनाने की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ऑटो की मदद से वाहनों का रास्ता रोककर डराने-धमकाने के बाद लूट की वारदात करते थे।
सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य घटनाओं में उनकी संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है।



