नई दिल्ली। प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली में सस्ती दर पर प्याज की बिक्री शुरू कर दी है। सरकार की ओर से गुरुवार से प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। बाजार में प्याज की कीमत करीब 62 रुपये किलो तक पहुंचने के बीच सरकार के इस कदम से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने त्योहारों के सीजन से पहले प्याज की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ आम परिवारों के घरेलू बजट को राहत देना है।
NAFED और NCCF के जरिए होगी बिक्री
सस्ती दर पर प्याज की आपूर्ति नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED), NCCF और केंद्रीय भंडार के माध्यम से की जा रही है। इसके अलावा मदर डेयरी के ‘सफल’ आउटलेट्स पर भी उपभोक्ताओं को कम कीमत पर प्याज उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक रियायती दर पर प्याज पहुंचाया जा सके, ताकि बाजार में कीमतों पर दबाव कम हो।
त्योहारों से पहले कीमतों पर नजर
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने प्याज की बिक्री अभियान की शुरुआत के दौरान प्याज से लदे छोटे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि सरकार बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी जैसी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले त्योहारों के दौरान प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर बफर स्टॉक से अतिरिक्त प्याज भी बाजार में उतारा जाएगा।
आम लोगों को मिलेगी राहत
प्याज भारतीय रसोई की प्रमुख जरूरतों में शामिल है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है। दिल्ली में 35 रुपये किलो प्याज मिलने से उपभोक्ताओं को बाजार भाव की तुलना में राहत मिलेगी।
केंद्र सरकार का कहना है कि बाजार में कीमतों को स्थिर रखने के लिए बफर स्टॉक का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। जरूरत के अनुसार आगे भी सस्ती दर पर प्याज की आपूर्ति जारी रखने की योजना है।



