इस्लामाबाद / नई दिल्ली:
भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों को लेकर पाकिस्तान की ओर से एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बयान सामने आया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के वरिष्ठ सलाहकार राणा सनाउल्लाह खान ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि भारत के साथ रिश्ते बेहतर बनाने का एक बेहद अहम और ऐतिहासिक अवसर पाकिस्तान ने खुद अपने हाथों से गंवा दिया।
एक टीवी कार्यक्रम के दौरान बेबाकी से अपनी बात रखते हुए राणा सनाउल्लाह ने कहा कि आज दोनों देशों के बीच जो कड़वाहट और दूरी बनी हुई है, उसके लिए काफी हद तक खुद पाकिस्तान की नीतियां ही जिम्मेदार हैं।
‘ बैकडोर डिप्लोमेसी’ पर भी किया बड़ा खुलासा
शहबाज शरीफ के सलाहकार ने चर्चा के दौरान एक और महत्वपूर्ण बात साझा की। उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच पर्दे के पीछे की बातचीत यानी ‘बैकडोर डिप्लोमेसी’ (Backdoor Diplomacy) का सिलसिला पूरी तरह से कभी थमा नहीं है।
हालांकि, उन्होंने इस बात पर गहरा अफसोस जताया कि अतीत में भारत के साथ संबंध सुधारने की जो भी संभावनाएं और अवसर बने, पाकिस्तान की राजनीतिक प्राथमिकताओं या नीतियों के कारण उनका सही और बेहतर उपयोग नहीं किया जा सका।
संवाद को नहीं मिल सकी सही दिशा
राणा सनाउल्लाह के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ से भारत के साथ संवाद स्थापित करने और द्विपक्षीय रिश्ते सुधारने की तमाम कोशिशों को कभी सही दिशा नहीं मिल पाई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान के किसी इतने वरिष्ठ पद पर बैठे नेता द्वारा अपनी ही सरकार और नीतियों को कटघरे में खड़ा करना यह दर्शाता है कि पाकिस्तान इस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने और अपनी खस्ताहाल आर्थिक स्थिति के बीच भारत के साथ रिश्ते सुधारने के लिए कितना बेचैन है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi
