वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीने से अधिक समय से जारी तनाव और संघर्ष के बीच एक बड़ा संकेत सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के ताजा बयान ने दोनों देशों के बीच संभावित समझौते की चर्चाओं को तेज कर दिया है। खास बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अराघची के इस बयान को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर रीपोस्ट किया है, जिसके बाद कूटनीतिक हलकों में नई हलचल शुरू हो गई है।
अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित समझौता पहले की तुलना में कहीं अधिक करीब पहुंच चुका है। उन्होंने लिखा, “इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पहले कभी इतना करीब नहीं था। हालांकि जब तक यह अंतिम रूप नहीं ले लेता, तब तक इसके बारे में किसी भी तरह के अनुमान से बचना चाहिए।”
ईरानी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता और जिम्मेदारी के सिद्धांतों पर काम कर रही है। समझौते से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां सही समय पर जनता के साथ साझा की जाएंगी।
ट्रंप द्वारा इस पोस्ट को रीपोस्ट किए जाने को दोनों देशों के बीच जारी बातचीत का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि समझौते की शर्तों और उसके दायरे को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं। जानकारों का मानना है कि कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद अभी भी कायम हैं, लेकिन बातचीत जारी रहना अपने आप में एक सकारात्मक संकेत है।
फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली संभावित डील पर टिकी हैं। यदि यह समझौता सफल होता है तो इससे न केवल दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आ सकता है, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्थिरता और शांति की दिशा में भी बड़ा कदम साबित हो सकता है।





