रायपुर। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली का बिल बढ़ने की उपभोक्ताओं की आशंकाओं पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के सर्वे ने स्थिति साफ कर दी है। प्रदेश के तीन बड़े शहरों रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में किए गए तुलनात्मक अध्ययन में सामने आया है कि स्मार्ट मीटर से न तो बिजली की खपत बढ़ी है और न ही बिल में अनावश्यक वृद्धि हुई है।कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगे घरेलू उपभोक्ताओं के मई, जून और जुलाई महीने के बिजली खपत आंकड़ों का विश्लेषण किया। रिपोर्ट के अनुसार, बिजली बिल में बदलाव का मुख्य कारण स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि मौसम के अनुसार बिजली उपकरणों जैसे एसी, कूलर और अन्य भारी उपकरणों का उपयोग है।
रायपुर में 3.11 लाख उपभोक्ताओं का हुआ अध्ययन
रायपुर शहर क्षेत्र के 3 लाख 11 हजार 374 घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के डेटा का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि जून महीने में 1 से 26 तारीख तक कुल बिजली खपत करीब 10.85 करोड़ यूनिट थी, जो जुलाई में इसी अवधि के दौरान घटकर लगभग 7.77 करोड़ यूनिट रह गई।इस तरह रायपुर में बिजली खपत में करीब 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। वहीं, 400 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले 1 लाख 21 हजार 135 उपभोक्ताओं की खपत में लगभग 44 प्रतिशत तक की गिरावट सामने आई।
दुर्ग और बिलासपुर में भी कम हुई बिजली खपत
सर्वे में दुर्ग शहर के 400 यूनिट से अधिक खपत वाले स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का भी अध्ययन किया गया। यहां जुलाई 2026 में बिजली खपत 76,257 यूनिट दर्ज की गई, जबकि जून में यह आंकड़ा 1,65,411 यूनिट और मई में 1,75,451 यूनिट था। यानी जुलाई में खपत में लगभग 53 प्रतिशत की कमी आई।वहीं, बिलासपुर सिटी सर्किल में 400 यूनिट से अधिक खपत वाले 9,717 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के आंकड़ों की जांच की गई। इसमें मई में औसत खपत 524 यूनिट, जून में 596 यूनिट और जुलाई में घटकर 312 यूनिट रह गई। यानी जुलाई में बिजली खपत करीब 43 प्रतिशत कम दर्ज हुई।
4500 चेक मीटरों में स्मार्ट मीटर की रीडिंग मिली सटीक
उपभोक्ताओं के संदेह को दूर करने के लिए विभाग ने प्रदेश में लगाए गए 4,500 चेक मीटरों की जांच भी कराई। जांच में स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग में समानता पाई गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग सटीक है और बिल में बढ़ोतरी का कारण मीटर नहीं है।
एसी और ज्यादा बिजली खपत वाले उपकरणों से बढ़ता है बिल
CSPDCL के अनुसार, गर्मी के मौसम में एसी और अन्य अधिक बिजली खपत करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली की खपत बढ़ती है। इसके अलावा स्वीकृत भार से अधिक बिजली उपयोग करने पर भी बिल में अतिरिक्त राशि जुड़ सकती है।अब व्यवस्था में बदलाव किया गया है। यदि किसी उपभोक्ता की स्वीकृत भार से अधिक मांग लगातार तीन महीने तक दर्ज होती है, तो सप्लाई अफोर्डिंग राशि अब साल में केवल एक बार दिसंबर महीने के बिल में जोड़ी जाएगी।
मोर बिजली ऐप से खुद देख सकेंगे बिजली खपत
विभाग ने उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर नजर रखने के लिए मोर बिजली ऐप की सुविधा दी है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ता ऐप के माध्यम से प्रतिदिन और हर आधे घंटे की बिजली खपत देख सकते हैं। इससे अनावश्यक बिजली उपयोग को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
बिल संबंधी शिकायत के लिए 1912 पर करें संपर्क
CSPDCL ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर विश्वास न करें। बिजली बिल या स्मार्ट मीटर से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।सर्वे के निष्कर्षों के मुताबिक, स्मार्ट मीटर बिजली बिल बढ़ाने का कारण नहीं है, बल्कि वास्तविक बिजली उपयोग के आधार पर ही खपत और बिल में बदलाव होता है।





