नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की जाधवपुर लोकसभा सीट से सांसद और कभी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख युवा नेताओं में गिनी जाने वाली सायोनी घोष इन दिनों अपने बदले हुए राजनीतिक रुख को लेकर चर्चा में हैं। एक समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर तीखे हमले करने वाली सायोनी अब संसद में मोदी सरकार के कुछ विधेयकों का समर्थन करती नजर आ रही हैं। यही वजह है कि बीते चार महीनों में उनके राजनीतिक रुख में आए बदलाव पर राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
टीएमसी छोड़ नई राजनीतिक राह पर सायोनी
सूत्रों के अनुसार, सायोनी घोष ने हाल ही में टीएमसी का साथ छोड़कर नई राजनीतिक पारी शुरू की है। ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली सायोनी लंबे समय तक पार्टी की युवा और आक्रामक आवाज रही थीं। विपक्ष की राजनीति के दौरान उन्होंने संसद से लेकर सड़क तक केंद्र सरकार और भाजपा की नीतियों का लगातार विरोध किया।
पीएम मोदी पर शायरी से साधती थीं निशाना
बजट सत्र के दौरान संसद में दिए गए अपने भाषणों में सायोनी घोष अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शायरी और राजनीतिक तंज के जरिए निशाना साधती थीं। उनके भाषण सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहते थे। उस समय उन्हें टीएमसी की मुखर और प्रभावशाली सांसदों में गिना जाता था।
अब सरकार के विधेयक का किया समर्थन
हालांकि, अब सायोनी घोष का रुख बदला हुआ दिखाई दे रहा है। लोकसभा में पेश किए गए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ का उन्होंने खुलकर स्वागत किया। पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हुए उन्होंने कड़े कानून की जरूरत बताई। उनके इस रुख को राजनीतिक विश्लेषक बड़े बदलाव के रूप में देख रहे हैं।
चार महीने में बदली राजनीतिक तस्वीर
2024 में सांसद बनने के बाद से अप्रैल 2026 तक सायोनी घोष को प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा की मुखर आलोचक के रूप में देखा जाता था। लेकिन हाल के महीनों में उनके बयानों और संसदीय रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इससे यह चर्चा तेज हो गई है कि उनकी राजनीति अब नए समीकरणों की ओर बढ़ रही है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा
सायोनी घोष के बदले राजनीतिक रुख ने पश्चिम बंगाल से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक नई बहस छेड़ दी है। एक समय विपक्ष की तेजतर्रार आवाज मानी जाने वाली सांसद का अब सरकार के कुछ अहम फैसलों का समर्थन करना आने वाले समय में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।





