मुंबई/पुणे। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के प्रमुख शरद पवार से जुड़े पुणे के एक ट्रस्ट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने की तैयारी की खबरों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।जानकारी के मुताबिक, पुणे स्थित पवार ट्रस्ट अपने नए निर्मित ‘प्रेरणा स्थल’ के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करना चाहता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन संभावित निमंत्रण को महाराष्ट्र की सियासत में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
PM मोदी से मुलाकात के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
इससे पहले 22 जुलाई को शरद पवार ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस बैठक में उनकी बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं। इस मुलाकात के बाद ही महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित नए समीकरणों को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया था।हालांकि शरद पवार और उनकी पार्टी की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि राजनीतिक मुलाकातों को अलग नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, लेकिन महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में ऐसे घटनाक्रमों पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर बनी हुई है।
INDIA गठबंधन में भी उठ रहे सवाल
शरद पवार की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात और अब ट्रस्ट कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित करने की संभावित योजना ने विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के भीतर भी चर्चाओं को हवा दे दी है। कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और अन्य विपक्षी दलों के साथ NCP-SP की राजनीतिक भूमिका को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शरद पवार लंबे समय से मुद्दों के आधार पर केंद्र सरकार से संवाद बनाए रखने की रणनीति अपनाते रहे हैं। महाराष्ट्र के राजनीतिक और संसदीय हितों को देखते हुए कुछ मामलों में व्यावहारिक रुख अपनाना उनकी राजनीति का हिस्सा माना जाता है।
NDA में जाने की अटकलों ने पकड़ा जोर
महाराष्ट्र में पिछले कुछ समय से यह चर्चा भी चल रही है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP-SP किसी नए राजनीतिक समीकरण की ओर बढ़ सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से NDA में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।शरद पवार की राजनीति को हमेशा से ही रणनीतिक और परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेने वाली राजनीति के रूप में देखा जाता रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी को संभावित निमंत्रण को लेकर महाराष्ट्र सहित राष्ट्रीय राजनीति में भी नजरें टिकी हुई हैं।फिलहाल सभी की निगाहें पुणे के इस कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया और शरद पवार खेमे के अगले कदम पर बनी हुई हैं।





