रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि उत्कृष्ट खेल मिशन के तहत इस वर्ष 100 करोड़ रुपये का विशेष बजट प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने, खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं तैयार करने में किया जाएगा।
राजधानी रायपुर में आयोजित पहली स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही नई खेल नीति लागू करेगी। इस नीति का उद्देश्य प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है।
कॉन्क्लेव में देशभर से आए खेल प्रशासकों, विशेषज्ञों और वरिष्ठ प्रशिक्षकों ने नई खेल नीति के मसौदे पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिभा खोज, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, हाई-परफॉर्मेंस मॉडल और आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया। खेल संचालक तनुजा सलाम ने बताया कि विशेषज्ञों से मिले सभी व्यावहारिक सुझावों को नई खेल नीति और विभागीय कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि विशेषज्ञों की सिफारिशें केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर जल्द लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के 19 पदक विजेताओं को सम्मानित करते हुए प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए। स्वर्ण पदक विजेताओं को 2 लाख रुपये, रजत पदक विजेताओं को 1.50 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेताओं को 1 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
इसके अलावा राज्य सरकार ने 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय नौकरियों में प्राथमिकता देने की मंजूरी भी दी है। टीम खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली राज्य की महिला फुटबॉल टीम को 22 लाख रुपये, पुरुष फुटबॉल टीम को 16.50 लाख रुपये और पुरुष हॉकी टीम को 9 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।
नई खेल नीति, 100 करोड़ रुपये के निवेश और खिलाड़ियों के लिए घोषित प्रोत्साहन योजनाओं को छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।





