जगदलपुर। शहर के व्यस्ततम क्षेत्र अनुपमा चौक में मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) के समीप स्थित सूरज इंटरप्राइजेज में अचानक भीषण आग लग गई। देर रात दुकान से धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, नगर सेना, फायर ब्रिगेड और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। दुकान पूरी तरह बंद होने के कारण आग तक पहुंचना आसान नहीं था। आग लगातार अंदर फैलती जा रही थी और धुएं का घना गुबार बाहर निकल रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDRF के जवानों ने दुकान का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और आग बुझाने के साथ ही राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
बताया जा रहा है कि सूरज इंटरप्राइजेज एक बुक डिपो एवं स्टेशनरी प्रतिष्ठान है, जहां बड़ी मात्रा में किताबें, कॉपियां, कागज, स्टेशनरी सामग्री और अन्य शैक्षणिक सामान रखा हुआ था। कागज और अन्य ज्वलनशील सामग्री अधिक होने के कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान के भीतर रखा अधिकांश सामान इसकी चपेट में आ गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से लाखों रुपये मूल्य की सामग्री के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन आग पूरी तरह बुझने के बाद ही किया जा सकेगा।
आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम ने कई घंटे तक लगातार मशक्कत की। दमकल कर्मियों ने आग को आसपास की दुकानों और भवनों तक फैलने से रोकने के लिए लगातार पानी की बौछार की। संकरी जगह और दुकान के भीतर मौजूद भारी मात्रा में कागज के कारण आग पर काबू पाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। देर रात तक राहत एवं बचाव कार्य जारी रहा।
घटना के समय दुकान बंद होने के कारण किसी भी व्यक्ति के अंदर मौजूद होने की सूचना नहीं थी। यही वजह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि दुकान में रखा अधिकांश सामान आग की चपेट में आने से भारी आर्थिक नुकसान की संभावना जताई जा रही है।
सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। पुलिस ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित कर दी, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। साथ ही विद्युत आपूर्ति भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई, जिससे किसी अन्य दुर्घटना की आशंका न रहे।
फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुट गए हैं।
स्थानीय व्यापारियों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए बाजार क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियमित फायर सेफ्टी जांच और आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।





