रायपुर। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप पर एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी की सैलरी का बड़ा हिस्सा कथित रूप से अपने बेटे के खाते में ट्रांसफर करवाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। आरोप है कि कुलसचिव ने पद का प्रभाव दिखाकर महिला कर्मचारी पर दबाव बनाया और उसकी वेतन राशि डिजिटल माध्यमों से अपने बेटे के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाई।मामले में पुलिस ने कुलसचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में उन्हें जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पूरे मामले का खुलासा विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट और 35 पन्नों के डिजिटल ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड की जांच के बाद हुआ।
महिला कर्मचारी ने लगाया आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
मामले की शिकायत करने वाली महिला कर्मचारी शुभांगी मराठे दुर्ग के राजीव गांधी नगर क्षेत्र की रहने वाली हैं। वह हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं।शिकायत के अनुसार, महिला कर्मचारी को शासन द्वारा निर्धारित कलेक्टर दर के हिसाब से करीब 11,515 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता था। आरोप है कि वेतन खाते में आने के कुछ दिनों के भीतर ही कुलसचिव कथित रूप से उस पर दबाव बनाकर फोन-पे और पेटीएम जैसे ऑनलाइन माध्यमों से बड़ी राशि अपने बेटे के खाते में ट्रांसफर करवाते थे।महिला का आरोप है कि नौकरी जाने के डर के कारण वह लंबे समय तक इस स्थिति को सहन करती रही। वेतन की अधिकांश राशि चले जाने के बाद उसके पास परिवार का खर्च चलाने के लिए बहुत कम रकम बचती थी।
35 पन्नों के रिकॉर्ड में सामने आया ट्रांजेक्शन का विवरण
शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति ने महिला कर्मचारी के बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड की जांच की।जांच रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2025 से जुलाई 2026 के बीच महिला कर्मचारी को कुल 1,77,137 रुपये वेतन के रूप में प्राप्त हुए। इनमें से कथित रूप से 1,49,384 रुपये की राशि कुलसचिव के बेटे के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की गई।
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह राशि महिला कर्मचारी के कुल वेतन का करीब 84.3 प्रतिशत हिस्सा है। डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन के आधार पर समिति ने मामले को गंभीर मानते हुए अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंपी।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, हुई गिरफ्तारी
जांच रिपोर्ट के आधार पर दुर्ग जिले के पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी गई। इसके बाद मोहन नगर थाना पुलिस ने कुलसचिव भूपेंद्र कुमार कुलदीप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धारा के तहत एफआईआर दर्ज की।कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी कुलसचिव को गिरफ्तार किया। हालांकि, बाद में उन्हें जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस अब मामले की आगे जांच कर रही है।
जांच में जुटे अधिकारी, सामने आएंगे और तथ्य
फिलहाल पुलिस डिजिटल लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड और शिकायत से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।इस मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। वहीं, महिला कर्मचारी के आरोपों और जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले पर नजर बनी हुई है।





