अंबिकापुर: राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने सोमवार को अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। सफेद एप्रन पहने इंटर्न डॉक्टर हाथों में केतली और चाय के कप लेकर धरना स्थल पर नजर आए। उन्होंने अपने प्रदर्शन को ‘MBBS चायवाला’ नाम दिया।
इंटर्न डॉक्टरों ने मौके पर अदरक वाली चाय बनाकर अस्पताल आने वाले मरीजों के परिजनों, मेडिकल स्टाफ और आम लोगों को पिलाई। इसके साथ ही वहां एक डिब्बा भी रखा गया, जिस पर लिखा था- ‘जितनी मर्जी रकम दें सकते हैं।’ डॉक्टरों ने बताया कि यह प्रदर्शन पूरी तरह प्रतीकात्मक है। इसके जरिए वे सरकार का ध्यान अपने कम स्टाइपेंड की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
₹15,900 स्टाइपेंड, ₹30 हजार की मांग
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस इंटर्न को वर्तमान में करीब 15,900 रुपये मासिक स्टाइपेंड मिलता है। उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपये प्रति माह किया जाए।
डॉक्टरों का कहना है कि एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड इतना कम है कि परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि एक चाय बेचने वाला व्यक्ति भी दिनभर में जितना कमा लेता है, उतना कई बार एक इंटर्न डॉक्टर के दैनिक स्टाइपेंड के बराबर नहीं होता।
4 अगस्त से जारी है आंदोलन
इंटर्न डॉक्टर 4 अगस्त से स्टाइपेंड में वृद्धि, सम्मान और सुरक्षा की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि वे अस्पताल में आपातकालीन सेवाओं, ओपीडी और वार्ड में दिन-रात ड्यूटी करते हैं और मरीजों के इलाज में पूरी जिम्मेदारी निभाते हैं।
इंटर्न डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस इंटर्न को मिलने वाला स्टाइपेंड काफी कम है। उनकी मांग सिर्फ आर्थिक बढ़ोतरी तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पताल में डॉक्टरों के लिए बेहतर सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण भी जरूरी है।
‘चायवाला’ प्रदर्शन बना आकर्षण का केंद्र
सोमवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में ‘MBBS चायवाला’ प्रदर्शन लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। अस्पताल आने वाले कई लोग डॉक्टरों के पास रुककर उनकी बात सुनते नजर आए। कुछ लोगों ने चाय पी और प्रतीकात्मक रूप से रखे डिब्बे में सहयोग राशि भी डाली।



