बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय रेलवे टिकट दलाल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान आरपीएफ ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में आरक्षित रेलवे टिकट और यात्रियों से संबंधित जानकारी बरामद हुई है।
आरपीएफ के मुताबिक, बरामद टिकटों और पीएनआर से जुड़े रिकॉर्ड की कुल कीमत करीब 3.68 लाख रुपये आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में गिरोह का नेटवर्क छत्तीसगढ़ से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैला होने की जानकारी सामने आई है।
बैकुंठपुर से बनारस-भदोही तक फैला था नेटवर्क
आरपीएफ की जांच के दौरान पता चला कि गिरोह का नेटवर्क छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर स्थित सिटी पीआरएस से लेकर उत्तर प्रदेश के बनारस और भदोही तक जुड़ा हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि रेलवे आरक्षण केंद्र से जुड़ा एक संविदा कर्मचारी कथित तौर पर अवैध तरीके से आरक्षित टिकट तैयार करता था।
इसके बाद टिकटों को गिरोह के अन्य सदस्यों के जरिए बनारस भेजा जाता था। वहां मौजूद दलाल इन टिकटों को जरूरतमंद यात्रियों को निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर बेचकर मुनाफा कमाते थे।
बसों के जरिए दूसरे राज्यों तक पहुंचाए जाते थे टिकट
जांच एजेंसी के अनुसार, टिकटों को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने के लिए बस चालकों की मदद ली जाती थी। गिरोह में अलग-अलग लोगों की भूमिका तय होने की आशंका है। कोई टिकट तैयार करता था, तो कोई उन्हें दूसरे शहरों तक पहुंचाकर ग्राहकों तक पहुंचाता था।
आरपीएफ ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की तो WhatsApp चैट में रेलवे आरक्षित टिकटों से संबंधित जानकारी मिली। मोबाइल में करीब 60 टिकटों का रिकॉर्ड पाया गया, जिनकी कुल कीमत लगभग 3.68 लाख रुपये बताई गई है। इनमें से 14 टिकटों पर PNR नंबर और अन्य जरूरी जानकारी हाथ से लिखी हुई मिली।
रेल अधिनियम के तहत तीन आरोपी गिरफ्तार
आरपीएफ ने मामले में रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अविनाश कुमार (35), निवासी कोरिया; संजय विश्वकर्मा (48), निवासी भदोही, उत्तर प्रदेश; और रवि शंकर (38), निवासी सूरजपुर के रूप में हुई है।
गिरफ्तारी के बाद आरपीएफ आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और टिकटों की अवैध बिक्री का यह नेटवर्क कितने समय से संचालित हो रहा था।
आरपीएफ की इस कार्रवाई के बाद रेलवे टिकटों की कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को सुगम और पारदर्शी टिकट व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए अवैध टिकट कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



