बिलासपुर। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर 4-5 के हावड़ा छोर स्थित ओवरब्रिज के नीचे से एक महिला और पुरुष को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से दो बैग में 21.058 किलो गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
जीआरपी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि प्लेटफॉर्म नंबर 4-5 के हावड़ा छोर स्थित ओवरब्रिज के नीचे एक महिला और पुरुष गांजे की खेप लेकर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपियों की पहचान संगीता मिश्रा (43) और सुशील मिश्रा (45) के रूप में हुई। दोनों बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।
दो बैग से मिले गांजे के 10 पैकेट
पुलिस ने आरोपियों के पास मौजूद एक काले रंग के बैग और लाल रंग के ट्रॉली बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों बैग से गांजे के कुल 10 पैकेट बरामद हुए। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन करने पर गांजे की कुल मात्रा 21.058 किलो निकली।
जीआरपी ने गांजा जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से पहुंचे थे बिलासपुर
शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से गांजे की खेप लेकर बिलासपुर पहुंचे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे बिलासपुर या आसपास के क्षेत्रों में कहां सप्लाई किया जाना था।
पुलिस तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। रेल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों के माध्यम से गांजा समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जीआरपी-आरपीएफ टीम की अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विष्णु प्रसाद यादव सहित जीआरपी और रेल सुरक्षा बल बिलासपुर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब बरामद गांजे के स्रोत और संभावित सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है।



