भुवनेश्वर: ओडिशा के सरकारी स्कूलों की नई पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) ने राज्य की बीजेपी सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने इस पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से जांच कराने की मांग भी उठाई है।
कांग्रेस ने उठाए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष संतोष सिंह सलूजा ने दावा किया कि कक्षा 1 से 8वीं तक की नई पाठ्यपुस्तकों में बड़ी संख्या में गलतियां हैं। उनका कहना है कि यदि शिक्षक कक्षा में बैठकर हर गलती सुधारेंगे, तो पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने राज्य में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले से ही कई स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में किताबों की त्रुटियां बच्चों की शिक्षा पर अतिरिक्त बोझ डालेंगी।
भ्रष्टाचार के आरोप, CBI जांच की मांग
सलूजा ने आरोप लगाया कि पाठ्यपुस्तकों की छपाई से जुड़े ठेके के आवंटन में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में राजनीतिक संरक्षण मिला है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए CBI से जांच कराई जानी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नवीन पटनायक ने भी सरकार को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक ने भी इस विवाद पर राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकारी स्कूलों की किताबों में बड़ी संख्या में त्रुटियां मिलना शिक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही का संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को समय पर किताबें उपलब्ध कराने में भी सरकार विफल रही है।
पटनायक ने यह भी दावा किया कि कुछ पाठ्यपुस्तकों में ऐतिहासिक और भौगोलिक तथ्यों से जुड़ी गलतियां हैं, जिनमें प्रमुख व्यक्तित्वों के नामों और स्थानों का गलत उल्लेख किया गया है।
विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब
विपक्षी दलों का कहना है कि शिक्षा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में इस तरह की चूक स्वीकार्य नहीं है। उनका आरोप है कि नई पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता की पर्याप्त जांच किए बिना उन्हें छात्रों तक पहुंचा दिया गया, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

