पटना: बिहार में होने वाले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए बीजेपी को हराने के तीन सबसे बड़े कारणों का जिक्र किया है और मतदाताओं से बदलाव की अपील की है।
सम्राट चौधरी को हटाना है तो दिल्ली तक पहुंचाएं ‘करंट’
प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने जनता से कहा:
“अगर आप चाहते हैं कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को उनके पद से हटाया जाए, तो आपको बांकीपुर में बीजेपी के खिलाफ वोट करना होगा। यहां का वोट एक ऐसा ‘करंट’ बनेगा जो सीधे दिल्ली में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचेगा।”
जनता को कम आंकने और अहंकार का आरोप
पीके ने बीजेपी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेतृत्व पर जनता की ताकत को कम आंकने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता के गलियारों में बैठे लोग अहंकार में डूबे हुए हैं और उन्हें लगता है कि वे जनता के मुद्दों पर बात किए बिना भी चुनाव जीत सकते हैं। प्रशांत किशोर के मुताबिक, लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और इस बार चुनाव के जरिए इनका यह अहंकार तोड़ना बेहद जरूरी हो गया है।
‘मोदी के नाम’ और ‘लालू के डर’ की राजनीति पर प्रहार
एनडीए के जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि क्षेत्र के सांसद और विधायक धरातल पर काम नहीं करते हैं। इसके पीछे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा:
- नेताओं को पूरा भरोसा है कि चुनाव आते ही वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट बटोर लेंगे।
- या फिर जनता के बीच लालू यादव का डर दिखाकर आसानी से अपनी सीट निकाल लेंगे।
पीके ने बांकीपुर की जनता से आह्वान किया कि वे काम न करने वाले नेताओं को इस बार सबक सिखाएं और केवल चेहरों या डर के आधार पर वोट देना बंद करें।
बांकीपुर में दिलचस्प हुआ मुकाबला
प्रशांत किशोर के इस आक्रामक रुख और सीधे तौर पर पीएम मोदी व अमित शाह को चुनौती देने के बाद बांकीपुर उपचुनाव का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। जन सुराज की इस रणनीति ने बीजेपी खेमे में भी हलचल तेज कर दी है। अब देखना यह होगा कि प्रशांत किशोर के इन तीन फॉर्मूलों पर बांकीपुर की जनता क्या फैसला सुनाती है।

