नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव अब और गंभीर होता जा रहा है। अमेरिका ने सोमवार रात लगातार नौवीं बार ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक इन हमलों में ईरान के सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्च साइट्स और ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाया गया।अमेरिकी हमलों के बाद उत्तर-पश्चिमी ईरान के तबरीज (Tabriz) मिसाइल फील्ड में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मिसाइल परिसर में हमले के बाद आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि इस ठिकाने का संचालन इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) एयरोस्पेस फोर्स द्वारा किया जाता है।
इराक में अमेरिकी सैनिक की मौत, एक घायल
इस सैन्य संघर्ष के बीच उत्तरी इराक से भी बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी कि ईरानी ड्रोन को निष्क्रिय करने की कार्रवाई के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य सैनिक घायल हुआ है।इस घटना के बाद संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, घायल सैनिक का इलाज जारी है।
ईरान ने कई अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया
ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन, कुवैत और ओमान समेत कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।IRGC ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि, इन हमलों से हुए नुकसान को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
कुवैत के ऊर्जा और जल संयंत्र पर हमला
कुवैत में भी तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के बिजली उत्पादन और जल शोधन (डिसेलिनेशन) संयंत्र को दो दिनों में दूसरी बार निशाना बनाया गया। हमले के बाद कई बिजली उत्पादन इकाइयों में आग लगने की जानकारी सामने आई है।कुवैत के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने और सेवाओं को बहाल करने के लिए राहत एवं तकनीकी टीमें काम कर रही हैं।
परमाणु संयंत्र को निशाना बनाने का ईरान का आरोप
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने खुजेस्तान प्रांत में बन रहे डारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र की साइट को निशाना बनाया।हालांकि, इस दावे को लेकर अमेरिकी पक्ष की ओर से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ईरान में बिजली संकट गहराया
अमेरिकी हमलों और भीषण गर्मी के बीच ईरान में बिजली संकट बढ़ने की खबर है। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में बिजली कटौती की स्थिति बनी हुई है। इससे आम लोगों के साथ-साथ छात्रों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।सरकार के सामने सुरक्षा चुनौतियों के साथ-साथ घरेलू स्तर पर बिजली आपूर्ति बनाए रखने की भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करेगा इराक
इस बीच इराक ने अपने तेल निर्यात को लेकर नई रणनीति पर काम शुरू किया है। इराक बसरा से तुर्किये और सीरिया तक नई तेल पाइपलाइन विकसित करने की योजना बना रहा है।इसका उद्देश्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता को कम करना है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यह कदम ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव, दुनिया की नजरें टिकीं
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव ने पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित किया है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि दोनों देशों के बीच यह संघर्ष आगे किस दिशा में जाता है और क्या कूटनीतिक प्रयासों से तनाव कम किया जा सकता है या नहीं।
