हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (KTR) ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे अपनी सरकार की चुनावी वादाखिलाफी को छिपाने के लिए राज्य को लगातार “दिवालिया” बताने की कोशिश कर रहे हैं। KTR ने कहा कि मुख्यमंत्री को तेलंगाना की छवि खराब करने के बजाय जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।
KTR ने कहा कि कोई भी मुख्यमंत्री, जिसे अपने राज्य की प्रतिष्ठा की चिंता हो, वह सार्वजनिक मंचों पर अपने ही राज्य को दिवालिया नहीं बताएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी बार-बार ऐसे बयान देकर निवेशकों का भरोसा कमजोर कर रहे हैं और तेलंगाना की आर्थिक छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं और अधूरे चुनावी वादों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए राज्य की वित्तीय स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।
BRS नेता ने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में तेलंगाना देश के सबसे तेज़ी से विकास करने वाले राज्यों में शामिल था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार किसानों, युवाओं और कर्मचारियों से किए गए कई महत्वपूर्ण वादे अब तक पूरे नहीं कर पाई है। KTR ने आरोप लगाया कि किसानों को कर्जमाफी, कृषि सहायता, पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सरकार विफल रही है।
KTR ने मुख्यमंत्री को खुली बहस की चुनौती दोहराते हुए कहा कि यदि रेवंत रेड्डी में साहस है तो वे राज्य की आर्थिक स्थिति, किसानों की समस्याओं, रोजगार, शासन और कांग्रेस सरकार के प्रदर्शन पर किसी भी मंच पर सार्वजनिक बहस करें। उन्होंने कहा कि वह आधिकारिक आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर अपनी बात साबित करने के लिए तैयार हैं। KTR ने यह भी कहा कि यदि वह अपने आरोप साबित नहीं कर पाए तो राजनीति से संन्यास लेने को भी तैयार हैं।
तेलंगाना की वित्तीय स्थिति को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी BRS के बीच लगातार राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है। कांग्रेस सरकार का कहना है कि पिछली सरकार से भारी वित्तीय बोझ विरासत में मिला है, जबकि BRS का आरोप है कि मौजूदा सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर दिखा रही है। ऐसे में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में आने वाले दिनों में भी प्रमुख बना रहने की संभावना है।

