गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए गुजरात सरकार ने पोरबंदर जिले के ऐतिहासिक श्रीकृष्ण-रुक्मिणी यात्राधाम (माधवपुर) के दूसरे चरण के विकास कार्यों की शुरुआत कर दी है। इस परियोजना का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण करना है।
सरकार के अनुसार, दूसरे चरण में यात्राधाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। परियोजना के तहत बेहतर सड़क संपर्क, सार्वजनिक सुविधाएं, सौंदर्यीकरण, पर्यटक सुविधाएं, पार्किंग, हरित क्षेत्र और विरासत स्थलों का संरक्षण जैसे कार्य किए जाएंगे। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है।
माधवपुर धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी का विवाह इसी पवित्र स्थल पर संपन्न हुआ था। इसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित करते हुए इसे एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है।
सरकार का मानना है कि इस विकास परियोजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। पर्यटन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। इसके साथ ही गुजरात की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
श्रीकृष्ण-रुक्मिणी यात्राधाम का दूसरा चरण राज्य सरकार की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत गुजरात के प्रमुख तीर्थस्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित किया जा रहा है।

