नई दिल्ली |
अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित भूमि घोटाले और दान राशि में अनियमितता के मामले ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में तूल पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) से अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने के लिए नया समय मांगा है। संजय सिंह का दावा है कि उनके हाथ कुछ और महत्वपूर्ण साक्ष्य लगे हैं, जो इस पूरे मामले की परतें खोल सकते हैं।
मुख्य बिंदु: जो आपको जानना जरूरी है
- नया वक्त, नए दावे: संजय सिंह ने SIT को पत्र लिखकर अतिरिक्त समय की मांग की है ताकि वो नए मिले दस्तावेजों को जांच एजेंसी के सामने पेश कर सकें।
- करोड़ों की आस्था का सवाल: AAP सांसद ने कहा कि यह सिर्फ जमीन के लेनदेन का मामला नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों रामभक्तों के दान और उनकी आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है।
- SIT को पहले ही मिल चुका है एक्सटेंशन: हाल ही में SIT को अपनी जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया था, जिसके बाद संजय सिंह की इस नई पहल ने मामले को और गरमा दिया है।
“जांच में शामिल हों नए साक्ष्य” — संजय सिंह
संजय सिंह ने बताया कि उन्होंने जांच एजेंसी को लिखे पत्र में साफ किया है कि उनके पास उपलब्ध नए दस्तावेज कथित वित्तीय अनियमितताओं और भूमि सौदों के कई छिपे हुए पहलुओं को उजागर कर सकते हैं।
“देशभर के करोड़ों लोगों ने भगवान राम के नाम पर अपनी गाढ़ी कमाई दान की है। इस दान के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच बेहद आवश्यक है। मुझे उम्मीद है कि SIT इन सभी नए तथ्यों का निष्पक्षता से परीक्षण करेगी।”
— संजय सिंह, राज्यसभा सांसद (AAP)
क्यों बढ़ा सियासी पारा?
गौरतलब है कि संजय सिंह इस मामले में पहले भी SIT के समक्ष कई दस्तावेज और सबूत पेश कर चुके हैं। अब उनके इस नए दावे ने—कि उनके पास कुछ और पुख्ता सबूत हैं—राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज कर दी है।
एक तरफ विपक्ष इस मामले में लगातार निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग पर अड़ा है, वहीं दूसरी तरफ SIT द्वारा जांच की अवधि बढ़ाए जाने और अब संजय सिंह द्वारा नए सबूतों की पेशकश के बाद आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
