अयोध्या/नई दिल्ली: श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बताया है।
ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने सोमवार को कहा कि मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए कहा कि ट्रस्ट की गतिविधियां निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत संचालित होती हैं तथा जांच में सभी तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे।
वहीं, इस मुद्दे पर विपक्षी दल लगातार केंद्र और राज्य सरकार को घेर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विशेष जांच दल (SIT) के गठन पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़े मामले में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़े मामले में किसी भी प्रकार की शंका नहीं रहनी चाहिए।
इधर, कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने आरोप लगाया कि मामले में जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आरोपों में सच्चाई नहीं है तो जांच को पूरी तरह सार्वजनिक और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
बढ़ते विवाद और राजनीतिक दबाव के बीच सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच एजेंसी को वित्तीय लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल का जिम्मा सौंपा गया है।
फिलहाल, एक ओर विपक्ष जांच की निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, तो दूसरी ओर ट्रस्ट और उसके समर्थक इन आरोपों को राम मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास बता रहे हैं। अब सभी की निगाहें एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
