रायपुर। राजधानी रायपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए स्कूल वाहनों की सघन जांच की। शहर के प्रमुख स्कूलों के बाहर की गई इस विशेष कार्रवाई के दौरान निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर परिवहन करते पाए गए 35 ऑटो चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम (एमवी एक्ट) के तहत चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस उपायुक्त (यातायात) डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने सुबह स्कूल खुलने के समय सेंट जेवियर्स स्कूल, रेयान इंटरनेशनल स्कूल, होली क्रॉस स्कूल (कांपा), बालाजी विद्यामंदिर (देवेंद्र नगर), कृष्णा पब्लिक स्कूल (कमल विहार), होली हार्ट स्कूल (सिविल लाइंस) तथा प्रणवानंद अकादमी (वीआईपी रोड) के बाहर अभियान चलाकर ई-रिक्शा, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की जांच की।
जांच के दौरान कई ऑटो निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठाकर संचालित होते मिले। इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर लापरवाही मानते हुए पुलिस ने मौके पर ही 35 ऑटो चालकों के चालान काटे। इसके साथ ही वाहन चालकों को निर्धारित क्षमता का पालन करने, वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज अद्यतन रखने तथा सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे केवल सुविधा या कम किराए के कारण ओवरलोड वाहनों में अपने बच्चों को न भेजें। पुलिस का कहना है कि कुछ अतिरिक्त बच्चों को बैठाना मामूली बात नहीं, बल्कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यह बड़ा खतरा साबित हो सकता है। इसलिए बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना सभी की जिम्मेदारी है।
यातायात पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से भी कहा है कि वे अपने यहां संचालित सभी वाहनों की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी वाहन क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन न करे। साथ ही वाहन की फिटनेस, परमिट, बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेज हमेशा वैध एवं अद्यतन रहें।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में भी शहर के विभिन्न स्कूलों के बाहर औचक जांच जारी रहेगी और ओवरलोडिंग, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यातायात पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित और जिम्मेदार परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।





